Vector Databases और Retrieval-Augmented Generation
Prompt Engineering कोर्स का हिस्सा
पाठ 2 में आपने देखा कि मॉडल मनगढ़ंत बात क्यों कहता है: वह आगे आने लायक टोकन का अनुमान लगाता है, तथ्य कहीं देखकर नहीं बताता, और उसकी ट्रेनिंग या उसकी संदर्भ खिड़की से बाहर की हर चीज़ एक अटकल है। पाठ 5 में आपने सीखा कि प्रॉम्प्ट के टेम्पलेट में डेटा भरकर उसे भेजना कैसे होता है। यह पाठ उन दोनों विचारों को मिलाकर वह मानक इलाज बनाता है जिससे मॉडल को असली, ताज़ा, निजी जानकारी पर टिकाया जाता है: पहले सही टेक्स्ट लाइए, फिर...
मॉडल को दो ही चीज़ें पता होती हैं: वह जो उसने ट्रेनिंग के दौरान अपने भीतर उतारा, और वह जो आपने इस समय प्रॉम्प्ट में रखा है। वह आपकी कंपनी की विकी नहीं देख सकता, पिछले हफ़्ते के सपोर्ट टिकट नहीं देख सकता, और डिस्क पर पड़ी आपकी कोई PDF भी नहीं। इनमें से किसी के बारे में पूछिए और वह बहता हुआ, भरोसे से भरा, ग़लत टेक्स्ट बना देगा। पाठ 2 की मनगढ़ंत बात की समस्या यही है।
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यह पाठ शुरू करेंVector Databases और Retrieval-Augmented Generationआप क्या सीखेंगे
- Embeddings and vector similarity
- Chunking documents
- Vector databases and nearest-neighbor search
- Retrieval-augmented generation
- Grounding answers with citations
